यही आजकल सुपरस्टार हैं।
मैं सोच रहा था हम दिन भर खुद को तपा कर, नींद हराम कर ये सोचते रहते हैं कि कैसे समाज बेहतर बने। जनता को उसके अधिकार मिलते रहें, गरीब और अधिक गरीब न रहे।
ये सब सोच कर जो विचार मन में आते हैं , उन्हें लिख कर या बोल कर जनता तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है पर नतीज़ा!!!
सैंकड़ा बड़ी मुश्किल से पार होता है, ज्यादा लोगों तक विचार पहुंच भी जाए तो हजारों में संख्या सिमट जाती है।
इनके जलवे खूब हैं, लाखों में फॉलोवर हैं।।
कभी कभी तो लगता है कि 'बेबी को बेस पसंद है' तो उसे वही सुनाया जाए।
एक बड़े गायक को लाइव सुन रहा था, गाना कुछ नही लुक। युवा पागल हो रहे थे। यही आदर्श!
क्रिकेटर,अभिनेता
इंस्टा,ट्विटर पर सर्वाधिक फॉलोवर्स
मीडिया भी इन्ही को आगे बढ़ाती है
कोई लेखक, बुद्धिजीवी, आंदोलनकारी, नेता,
जड़ खोखली हो रही है।
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