आज सुबह हल्द्वानी में सलमान से मुलाकात हुई।
ये बच्चा अभी किसी मोटरसाइकिल की सर्विस इतनी दक्षता से कर सकता है जो मैं या आप सोच भी नही सकते, सोच इसलिए नही सकते क्योंकि हमने कभी ये काम सीखे ही नही न हमारी शिक्षा पद्धति में इसकी कोई जगह है।
व्यवसायिक शिक्षा
तीन भाइयों में मंझला सलमान तीन साल पहले बदायूं के आसपास अपने गांव से हल्द्वानी चला आया। सलमान के पिताजी गांव में जीन्स बनाने का काम करते थे, जहां उनके पास पचास के आसपास सिलाई मशीनें थी। उन्हीं सिलाई मशीनों को बेचकर तीन भाई और मां हल्द्वानी आ गए हैं और पिताजी गांव में अपनी पन्द्रह बीघा जमीन पर खेती सम्भाल रहे हैं।
इतनी जमीन होने के बावजूद गांव और पढ़ाई छोड़ने के विषय पर सवाल पूछने के बाद सलमान से वह जवाब मिलते हैं ,जो हिन्दू मुस्लिम टकराव की खबरों के बीच कभी हमारे सामने नही आते।
सलमान कहता है पढ़ाई इसलिए छोड़ी क्योंकि उसका पढ़ने में मन नही लगता, पढ़ने से कौन सा उसे रोज़गार मिल जाता। अभी वह बाइक सर्विस का काम सीख लेगा तो दो चार साल बाद गांव जाकर अपनी बाइक सर्विस सेंटर खोलेगा।
मेरा सवाल यह था कि उसका मन पढ़ाई में क्यों नही लगता था, उसे कौन से विषय ऐसे लगे जिन्होंने उसे स्कूल छोड़ने पर मजबूर कर दिया!
सलमान से इस पर यह जवाब मिला कि पढ़ाई ही बोरिंग थी, यहां सलमान दरअसल उन लाखों भारतीय बच्चों का प्रतिनिधित्व कर रहा है जो स्कूल में खाना-पैसा मिलने के बावजूद पढ़ाई बोझिल लगने पर उसे छोड़ रहे हैं। शिक्षा नीति में बदलाव बस कागजों पर ही अच्छे लग रहे हैं।
सलमान से यह कहने पर कि उसे स्कूल में ही बाइक सर्विस, बढ़ई के कार्य सिखाए जाते तो क्या वह स्कूल छोड़ता! इस बात पर वह सोच में पढ़ गया और उसने तब कहा कि वह स्कूल में रहना पसंद करता।
गांव में इतनी जमीन होने के बाद भी लोगों का शहर पलायन करना ,भारत के लिए बड़ी समस्या है।
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में जब कोई कृषि करने वाला ही नही बचेगा तो अर्थव्यवस्था चलेगी कैसे! साल 2023 भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित हुआ है।
सलमान कहता है कि गांव में नीलगाय खेती खराब कर देती है और फसलों की रखवाली का काम बड़ा मुश्किल है। उसके घर के पास मंडी भी है पर खेती से दूर रहने का सबसे बड़ा कारण उसने यह बताया या समझें कि उसने मुझसे ही सवाल करते पूछा कि अब खेती में किसकी रुचि है?
कृषि छोड़ने के कारण
कोरोना काल में निज़ामुद्दीन मरकज में शामिल होने आए जमातियों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा कोरोना फैलाने का जिम्मेदार ठहराने के बाद से देश भर में कई हिन्दू मुस्लिम विवाद देखने को मिला था। हल्द्वानी में भी फल का ठेला लगाने वाले मुस्लिम व्यक्ति के साथ अभद्रता का वीडियो ट्विटर पर जमकर वायरल हुआ था।
हिन्दू मुस्लिम विवाद आंकड़े
कौन हैं यह लोग और कहां से आते हैं! इस सवाल पर सलमान कहता है कि आप और मैं यहां प्यार से बैठे हैं और अपने अपने कामों में मशगूल हैं, यह वही लोग होते हैं जो खुद को चर्चा में लाना चाहते हैं।
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