Wednesday, October 18, 2023

पाताल ती

निर्देशक जो कुछ भी स्क्रीन पर दिखा रहा है, उसका महत्व होना चाहिए और वह दृश्य दिमाग में छप जाना चाहिए. नाली में भरी रेत और उससे निराश होते बच्चे का मुंह के हाव भाव पहाड़ में विकास की सच्चाई दिखाते हैं।
वहीं हाथ से छूट कर जाता छाता और उसे नीचे जाते देखती बेबस आंखें, हर उस बच्चे की आंखों की याद दिलाती हैं जो इतने कठिन जीवन में अपनी दिनचर्या पूरी करते हैं. ये दृश्य उन सभी बच्चों के जीवन की परछाई है जो रोज़ पहाड़ों को पार करते हुए अपने स्कूल जाते हैं और उसके बाद वापस आ कर ऐसे ही खतरों के बीच रहते हुए अपने परिवार के आसरे पशुओं को चराने जाते हैं.

पहाड़ में चढ़ते बच्चे से छाता, खाना छूट जाना।

कैमरे की अहमियत।

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