तहलका मैगजीन, स्क्रॉल, दैनिक भास्कर, न्यूज़लॉन्ड्री में काम कर लगभग डेढ़ दशक का पत्रकारिता अनुभव लिए राहुल कोटियाल ने उत्तराखंड में पत्रकारिता करने का निर्णय लिया और कुछ समय में ही उनके द्वारा शुरू किया 'बारामासा' यूट्यूब चैनल उत्तराखंड के पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम बन गया। रेड इंक, रामनाथ गोयनका जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने वाले राहुल को इस चैनल के लिए साल 2022 में प्रतिष्ठित उमेश डोभाल पत्रकारिता पुरस्कार भी मिला।
इस शो के एक और एपिसोड 'ऐसे लुट रही उत्तराखंड की जमीन' के साथ राहुल ने उत्तराखंड का इस समय का सबसे महत्वपूर्ण जमीन का मुद्दा भी कवर किया है. राहुल के बोले गढ़वाली शब्द दर्शकों को वीडियो से जोड़ने में कामयाब रहे हैं और वह दिल्ली से आने वाली वीडियो की जगह अपनी क्षेत्रीय भाषा में बोली जा रही वीडियो को ज्यादा देख रहे हैं, शायद इसलिए इस वीडियो को अब तक करीब डेढ़ लाख बार देखा गया है। वीडियो की शुरुआत में प्रदेश की राजधानी को लेकर राहुल दोनों पार्टियों को घेरते हैं, इसके बाद उन्होंने सरकारी अधिकारी के लिए पार्क से प्लॉट बनाने की जो कहानी दिखाई है, वह आंख खोलने वाली है। इसी मार्च भू माफियाओं के चक्कर में यूपी में एक पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है, ऐसी खबर को सुनते राहुल की हिम्मत और जज़्बे को सलाम करने को दिल चाहता है। 'सरकार के दाँत खाने के और दिखाने के और होते हैं' पंक्ति के साथ समाप्त होती इस वीडियो में चर्चित अंकिता भंडारी केस पर चर्चा के साथ कांग्रेस के कारनामें भी शामिल हैं।
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