*ऋषिकेश का बापू ग्राम वन भूमि विवाद की जद में, बिजली पानी रोके जाने पर सड़कों पर उतरे हजारों लोग*
सालों से रह रहे निवासियों का दावा, सरकार 500 परिवार बता रही है जबकि आबादी एक लाख के करीब
*प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे लोग*
ऋषिकेश के बापू ग्राम में वन भूमि विवाद को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने नए निर्माण पर रोक लगाने के साथ ही नए मकानों को बिजली और पानी के कनेक्शन देने बंद कर दिए हैं. इसके विरोध में स्थानीय लोग 'बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले सड़कों पर उतर आए. रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.
*लीज पर दी गई जमीन और बढ़ती आबादी का दावा*
स्थानीय निवासी राकेश चौरसिया पिछले 25 वर्षों से बापू ग्राम में रह रहे हैं, वह बताते हैं कि मीरा बेन ने यह जमीन सरकार को वापस दी थी. इसके बाद सरकार ने 51 परिवारों को 99 साल की लीज पर भूमि दी, जिनमें 50 अनुसूचित जाति और एक सामान्य वर्ग का परिवार शामिल था. उनका कहना है कि समय के साथ बापू ग्राम की आबादी बढ़कर लगभग एक लाख तक पहुंच गई है, लेकिन सरकार अब भी यहां केवल 500 परिवार होने का दावा कर रही है.
*जमीनी हकीकत और सरकारी आंकड़ों में फर्क*
1998 से बापू ग्राम में रह रहे ओम प्रकाश नौटियाल का कहना है कि जमीनी हकीकत सरकारी आंकड़ों से बिल्कुल अलग है और यहां करीब 30 हजार परिवार रहते हैं. लोगों का आरोप है कि वर्षों से बसे होने के बावजूद उन्हें अतिक्रमणकारी माना जा रहा है, अगर वह अवैध रूप से रह रहे हैं तो उन्हें सालों से बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं दी ही क्यों गई थी. पच्चीस सालों से बापू ग्राम के निवासी वेल्डिंग का काम करने वाले योगेश बिष्ट ने बताया कि एक तरफ तो यहां सीवर लाइन का काम चल रहा है और दूसरी तरफ प्रशासन का यह रवैया है.
प्रशासन की कार्रवाई और अदालत में लंबित मामले के बीच बापू ग्राम के हजारों परिवार अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं.
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