*Purple Day 2026 : मिर्गी को लेकर जागरूकता ही सबसे बड़ा इलाज*
मिर्गी दिमाग से जुड़ी स्थिति है, सही इलाज और समय पर पहचान से सामान्य जीवन संभव है.
Purple Day 2026 लोगों को जागरूक करने और गलत धारणाएं तोड़ने का संदेश देता है.
*क्यों मनाया जाता है पर्पल डे*
हर साल 26 मार्च को Purple Day for Epilepsy Awareness मनाया जाता है. इसे Purple Day भी कहा जाता है, जिसकी शुरुआत कनाडा की Cassidy Megan ने की थी. एम्स के मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर रोहित गुप्ता बताते हैं कि इस दिन का मकसद मिर्गी को लेकर जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़े लोगों के प्रति समाज में समझ विकसित करना है. लोग इस दिन पर्पल रंग पहनकर समर्थन जताते हैं और यह संदेश देते हैं कि मिर्गी कोई शर्म या डर की बात नहीं है.
*मिर्गी क्या है और क्यों होती है*
मिर्गी दिमाग से जुड़ी एक स्थिति है जिसमें बार बार दौरे आते हैं. यह दिमाग में असामान्य electrical activity के कारण होती है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे सिर में चोट, जन्म के समय समस्या, ऑक्सीजन की कमी, दिमाग का संक्रमण, ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक. कई मामलों में इसका कारण स्पष्ट नहीं होता. इसके लक्षणों में अचानक बेहोशी, गिरना, शरीर में झटके आना, मुंह से झाग आना या कुछ सेकंड तक शून्य में देखना शामिल है.
*इलाज संभव, जरूरत है सही जानकारी की*
डॉक्टरों के मुताबिक मिर्गी का इलाज संभव है और सही दवाओं से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. नियमित दवा लेना, न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह और जरूरत पड़ने पर सर्जरी जैसे विकल्प भी मौजूद हैं. रोहित गुप्ता कहते हैं कि सबसे जरूरी है समय पर पहचान और इलाज के साथ समाज का सहयोग. उन्होंने बताया कि समाज में चली आ रही गलतफहमियों की वजह से लोग मिर्गी आने पर मरीज को प्याज, मोजा सुंघाते हैं और जादू टोने में वक्त बर्बाद भी करते हैं जबकि सही तरीका यह है कि मरीज को न्यूरोलॉजिस्ट या साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाना चाहिए.
सही जानकारी और जागरूकता से मिर्गी से जुड़े लोग भी सामान्य और आत्मविश्वास से भरा जीवन जी सकते हैं.
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