Saturday, June 27, 2026

'राख' में कुछ मिनट का किरदार लेकिन छाप छोड़ गए अरुण कालरा, थिएटर से ChatGPT के विज्ञापन तक का सफर

*'राख' में कुछ मिनट का किरदार लेकिन छाप छोड़ गए अरुण कालरा, थिएटर से पर्दे तक का सफर*

*रंगमंच के दौर में मनोज बाजपेयी, पीयूष मिश्रा, गजराज राव और आशीष विद्यार्थी जैसे कलाकारों के साथी रहे अरुण कुमार कालरा से खास बातचीत*

1978 के चर्चित संजय-गीता कांड से प्रेरित वेब सीरीज 'राख' इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. इस सीरीज में बुलेट डीलर की छोटी लेकिन अहम भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण कुमार कालरा ने NDTV से बातचीत में ऑडिशन, शूटिंग, ChatGPT के विज्ञापन और अपने थिएटर के दिनों से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए.

*1978 की वह घटना जिसने पूरे देश को डरा दिया*

दिल्ली में दो बच्चे संजय और गीता ऑल इंडिया रेडियो में एक कार्यक्रम के लिए जा रहे थे. रास्ते में रंगा और बिल्ला ने उन्हें लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बैठाया और बाद में उनकी हत्या कर दी.
इस घटना ने पूरे देश में ऐसा डर पैदा किया कि लंबे समय तक माता-पिता बच्चों को अकेले बाहर भेजने से घबराने लगे. 'राख' इसी पूरी घटना और अपराधियों तक पुलिस के पहुंचने की कहानी को सिलसिलेवार ढंग से सामने लाती है.

सीरीज में अली फजल, सोनाली बेंद्रे, आमिर बशीर, आकाश माखीजा, रमणदीप यादव, राकेश बेदी और अंशुल चौहान जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में हैं. इनके साथ कई ऐसे चरित्र कलाकार भी हैं, जिन्होंने कम समय के लिए स्क्रीन पर आकर भी उस दौर के माहौल को बेहद वास्तविक बना दिया है.

*कुछ मिनट का रोल, लेकिन याद रह गई मौजूदगी*

इन्हीं कलाकारों में एक नाम अरुण कुमार कालरा का भी है. वह सातवें एपिसोड में बुलेट डीलर की भूमिका में नजर आते हैं.

NDTV से बातचीत में अरुण कुमार कालरा ने बताया कि इस भूमिका तक पहुंचने का उनका सफर कम दिलचस्प नहीं रहा. उन्होंने कहा कि मुझे Anti Casting नाम की कास्टिंग एजेंसी से ऑडिशन के लिए फोन आया, शुरुआत में यह किरदार गन डीलर का था. जैसे ही मैंने सीन पढ़ा, मुझे यह किरदार तुरंत पसंद आ गया. उसके संवाद इतने असरदार थे कि मुझे लगा यह सीन लोगों के बीच खूब चर्चा में आ सकता है. मैंने पूरी तैयारी के साथ ऑडिशन रिकॉर्ड किया और भगवान से प्रार्थना करने लगा कि यह भूमिका मुझे मिल जाए. कुछ समय बाद खबर मिली कि वेब सीरीज के लिए मेरा चयन हो गया है.

*शूटिंग से पहले बदला किरदार*

अरुण बताते हैं कि शूटिंग आगरा में होनी थी. लेकिन फिल्म निर्माण की प्रक्रिया लगातार बदलती रहती है. शूटिंग शुरू होने से पहले लेखकों ने दृश्य में कुछ बदलाव किए. गन डीलर की जगह किरदार को बुलेट डीलर बना दिया गया, जिससे पूरा दृश्य और ज्यादा वास्तविक लगा.

वह कहते हैं कि जब मैं सेट पर पहुंचा तो सबसे ज्यादा प्रभावित प्रोसित रॉय के काम करने के तरीके से हुआ. उन्हें हर दृश्य की साफ समझ थी. वह कलाकारों की बात भी ध्यान से सुनते थे और किरदार को बेहतर बनाने में पूरा सहयोग करते थे. उन्होंने मेरे दृश्य को पर्दे पर प्रभावी बनाने में काफी मदद की.

अपने सहकलाकारों का जिक्र करते हुए अरुण कहते हैं कि आकाश माखीजा और रमणदीप यादव अपने किरदारों में पूरी तरह डूबे रहते थे. उनके साथ काम करते हुए महसूस होता था कि हर कलाकार अपने किरदार को पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहा है. उनकी यही लगन मेरे वाले दृश्य में भी साफ दिखाई देती है और मुझे लगता है कि इसी वजह से पूरी सीरीज को दर्शकों का प्यार मिल रहा है.

*थिएटर ने अरुण को सिखाया अभिनय का हुनर*

अरुण कुमार कालरा मानते हैं कि उनके अभिनय की सबसे मजबूत बुनियाद थिएटर ने तैयार की. उन्होंने दिल्ली के चर्चित और प्रगतिशील थिएटर समूह Act One के साथ कई वर्षों तक काम किया. इस दौरान उन्होंने निर्देशक एन.के. शर्मा के निर्देशन में अनेक नाटकों में अभिनय किया.

उसी रंगमंच के दौर में उनके साथ मनोज बाजपेयी, पीयूष मिश्रा, गजराज राव और आशीष विद्यार्थी जैसे कलाकार भी जुड़े हुए थे. अरुण कहते हैं कि थिएटर ने उन्हें अभिनय का अनुशासन सिखाया. वहीं उन्होंने किरदार को भीतर से समझना, संवादों के पीछे की भावना पकड़ना और मंच पर हर पल सच की तरह जीना सीखा. आज भी कैमरे के सामने काम करते समय वह उसी अनुभव का सहारा लेते हैं.

*ChatGPT का विज्ञापन और आने वाले प्रॉजेक्ट्स*

अरुण का मानना है कि अभिनय में सिर्फ मेहनत ही नहीं, सही समय होना भी बहुत मायने रखता है. वह कहते हैं कि आप लगातार काम करते रहते हैं, लेकिन कई बार पहचान तब मिलती है जब सही मौका सामने आता है.

IPL के दौरान अरुण ChatGPT के एक विज्ञापन में नजर आए थे, जिसे टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खूब देखा गया. इससे पहले अरुण कालरा बधाई हो, अक्टूबर, रक्षाबंधन, घोड़े को जलेबी खिलाने ले जा रिया हूं, रंगबाज़, Aspirants और Guilty Minds जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में छोटी लेकिन यादगार भूमिकाएं निभा चुके हैं.

अरुण कुमार कालरा अब अपनी आने वाली वेब सीरीज "Summer of 76" और फिल्म "खामोश नजर आते हैं" को लेकर उत्साहित हैं. उन्हें उम्मीद है कि दोनों प्रोजेक्ट्स को दर्शक और समीक्षक पसंद करेंगे.

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