प्रस्तावना में लेखक ने इस किताब को लिखने की वजह बताते हुए लिखा है कि वह चाहते हैं कि उनके लेखन से आम लोग मूलभूत मुद्दों के प्रति सजग और संवेदनशील बनेंगे. लेखक ने प्रस्तावना में इस किताब के बारे में यह बताया है कि किताब बारह रिपोर्ताज पर आधारित दस्तावेज है, जो उन्होंने पत्रकारिता के दौरान लिखे थे.
पहली रिपोर्ट 'वह कल मर गया' अपने नाम से ही पाठकों की रुचि खींच लेती है. शीर्षक के नीचे घटना की जगह बताना भी पाठकों के मन में क्षेत्र विशेष की छवि बना देता है.
'घर के नाम पर माटी, घास और कमजोर लकड़ियों की चारदीवारी के बूते खड़ी पतरी की छत तो है, लेकिन उसके अंदर भयावह खालीपन पसरा है' पंक्ति ठीक ऐसे ही घर की तस्वीर पाठकों की आंखों के सामने लाकर उनके दिल को पसीज देगी.
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