Wednesday, June 18, 2025

मास्टरजी जैसे जैसे चालक कुचालक के बारे में बता रहे थे वैसे वैसे लता क्लास में बैठी हुई दिन में ही आईटीआई पढ़ने के सपने देख रही थी। खंडहरनुमा क्लास के दरवाजे से अंदर घुसते ही पहली बेंच पर ही हरे रंग की कुर्ती और सफेद पजामा, दुप्पटा पहनी लता क्लास की बाकी लड़कियों से अलग थी। उसके कंधे तक के बाल रबर से बंधे हुए रहते थे और कपड़े हमेशा प्रेस किए होते थे।

'झट हिट यार, मिके गोरुन पानी ले पिलान छु' स्कूल से छुट्टी होने के बाद बिच्छू घास के बीच में दिख रही सीमेंट की पगडंडी पर चढ़ाई करती हीरा ने लता से कहा। कमर में हाथ रखे, हांफते हुए दो किलोमीटर की चढ़ाई के बाद नरेत गांव की सड़क से लता के घर की छत लगी हुई थी।

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