*उत्तराखंड@25, राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत से NDTV की विशेष बातचीत.*
इस 9 नवम्बर को उत्तराखंड राज्य के गठन को 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. इस मौके पर NDTV से खास बातचीत में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर खुलकर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आज मौका मिले तो शिक्षा में सुधार, विशेष रूप से तकनीकी शिक्षा पर संपूर्ण शक्ति लगाई जाएगी.
*राज्य का उद्देश्य हर घर को खुशहाल बनाना था*
हरीश रावत ने कहा कि राज्य स्थापना का उद्देश्य था, राज्य के हर घर को खुशहाल बनाना और हर व्यक्ति तक वे मौलिक सुविधाएँ पहुँचाना जो जीवन के लिए आवश्यक हैं. प्रयास तो हुए हैं, कुछ क्षेत्रों में हम आगे भी बढ़े हैं, मगर हम अभी लक्ष्य से काफी दूर हैं. पलायन, बेरोज़गारी, स्वास्थ्य सुविधाओं की चिंताजनक स्थिति और शिक्षा के स्तर में निरंतर गिरावट हमें सोचने पर मजबूर करती है. नागरिक सुविधाएँ और कानून व्यवस्था भी कमजोर हुई हैं.
उन्होंने आगे कहा कि पलायन रोकने का सबसे बड़ा उपाय वही है जो उनकी सरकार ने 2014 से 2017 के बीच अपनाया था, यानी स्थानीय आजीविका आधारित विकास मॉडल.
*देहरादून से उत्तराखंड का दर्द नहीं समझा जा सकता*
जब उनसे पूछा गया कि अगर आज उन्हें मौका मिले तो वे किन कामों को प्राथमिकता देंगे, तो हरीश रावत ने कहा, “मैं सर्वप्रथम उन सैकड़ों पहलुओं को फिर से जोड़ूंगा, जिन्हें 2017 तक हमारी सरकार ने शुरू किया था. साथ ही नई पहलों को उनके साथ जोड़कर सार्थक निष्कर्ष निकालूंगा. मेरा मानना है कि देहरादून से उत्तराखंड का दर्द नहीं समझा जा सकता. हमें कहीं न कहीं हिमालयी परिवेश में बैठकर राजकाज चलाना पड़ेगा. इस दिशा में मैं राज्यव्यापी सहमति बनाकर आगे बढ़ूंगा.”
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा में सुधार, विशेष रूप से तकनीकी शिक्षा पर संपूर्ण शक्ति लगाई जाएगी. साथ ही शिल्प उन्नयन की श्रृंखला शुरू की जाएगी ताकि पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आय का स्थायी आधार बनाया जा सके. पर्यटन को नई दृष्टि दी जाएगी ताकि उसमें कुछ अभिनव शुरुआतें की जा सकें.
*जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित मध्य हिमालय*
बढ़ती आपदाओं और पर्यावरणीय असंतुलन पर हरीश रावत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समस्या है और इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव मध्य हिमालयी राज्यों को झेलना पड़ रहा है. हमें राष्ट्रीय नीति के साथ मध्य हिमालयी नीति का सामंजस्य स्थापित करना होगा और पर्यावरणीय मुद्दों पर अधिक संवेदनशील बनना होगा.
*कांग्रेस फिर से जनता का विश्वास जीतेगी*
राज्य में कांग्रेस के लगातार विपक्ष में रहने पर उन्होंने कहा, “समय का चक्र फिलहाल भाजपा के पक्ष में है. हम राहुल गांधी के नेतृत्व में उस चक्र को अपनी दिशा की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. हमारी सफलता भारत, लोकतंत्र और आमजन के हित में होगी.”
*भूमिका का निर्धारण पार्टी नेतृत्व करता है*
भविष्य की भूमिका पर हरीश रावत ने कहा कि भूमिका का निर्धारण पार्टी नेतृत्व करता है, व्यक्ति को अपने को तैयार रखना पड़ता है. हाँ, मैं एक उत्साहवर्धक के रूप में अर्थात ढोल बजाकर कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने वाले के रूप में अपनी भूमिका को देखना चाहूंगा. हमारे पास बहुत अच्छे नेता हैं, उन नेताओं को उत्साहित करना मेरा कर्तव्य है.
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